Alag Tarah Ka Dar

PublisherRaj Vidy Kender
FormatBook (Perfect Binding)
Size5.25″ x 7.75″
LanguageHindi 
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Description

संसार में जो डर है वो हमारा बनाया हुआ है। जो प्रकृति का बनाया हुआ डर है उसको हम स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इस बात का हमको भय नहीं है कि हमारे अंदर जो स्वांस आ रहा है, जा रहा है, यह बेकार जा रहा है और यह वापिस कभी नहीं आयेगा। इस बात का हमको डर नहीं है।

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